कार्गिल

by | Jul 25, 2025 | Poetry | 0 comments

बर्फ से ढकी कार्गिल की चोटी
बारिश गिरती मोती की भाँति।
इन्हें चूमता गुज़रे अंबर
कार्गिल, हो तुम, अति सुंदर।

चाँद पे दाग समान
घुसपैठियों ने किया वार।
भारत के माथे पर लगी गोली,
और शहीदों से भर गई कार्गिल की झोली।

खून से लथ-पथ माँ की रक्षा में
निकल पड़े उसके वीर हर्ष में।
हरे, सफेद कपड़ों में लिपटे
शान से तिरंगा छाती में लिए, निकल पड़े।

ऑपरेशन सफेद सागर,
बनी वायु सेना की घातक प्रहार।
ऑपरेशन विजय बना
थल सेना की तलवार।

कब्ज़ा किया वीरों ने

टाईगर हिल, ड्रास और पॉइंट 5140 पर।
निडर होकर लड़े वे योद्धा
अपने शौर्य से दुश्मन को तोड़ा।

मौत से खौफ नहीं था उनको
मातृभूमि की शान सिर-आँखों पे लिए वो,
हँसते-हँसते मौत को अपनाया
शहीद हुए, पर देश को बचाया।

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